Tuesday, 8 July 2014

Pajama Use in India

एक बार एक पजामा पहने हुए हिन्दुस्तानी से ...
एक अंग्रेज ने पूछा की ... आप का ये देशी पैंट
( पजामा ) कितने दिन चल जाता है ...
हिन्दुस्तानी ने जवाब दिया कुछ ख़ास नही ... मै
इसे एक साल पहनता हूँ ... उसके बाद
श्रीमति जी इसको ... काट कर बंटी के साइज़
का बना देती है ... फिर बंटी इसे एक साल
पहनता है ... उसके बाद श्रीमति जी इसको काट
छांट कर ... तकियों के कवर बना लेती है ...
फिर एक साल बाद उन कवर का ... झाड पौंछ में
इस्तेमाल करते हैं ...
अंग्रेज बोला ... अब फैंक देते होगे ...
हिन्दुस्तानी ने फिर कहा ... नही नही इसके बाद
6 महीने तक ... मै इस से अपने जूते साफ़
करता हूँ ... और अगले 6 महीने तक ... बाइक
का साइलेंसर चमकाता हूँ ... तब जाकर फैकते
है ...
इतना सुनते ही ... अंग्रेज रफू चक्कर
हो जाता है ... किसी भी चीज का सम्पूर्ण
इस्तेमाल ... कोई हम हिन्दुस्तानियों से
सीखे .......







Monday, 7 July 2014

Eagle Fly High

एक बार की बात है कि एक बाज
का अंडा मुर्गी के अण्डों के बीच आ गया. कुछ
दिनों बाद उन अण्डों में से चूजे निकले, बाज
का बच्चा भी उनमे से एक था.वो उन्ही के बीच
बड़ा होने लगा. वो वही करता जो बाकी चूजे
करते, मिटटी में इधर-उधर खेलता,
दाना चुगता और दिन भर उन्हीकी तरह चूँ-चूँ
करता. बाकी चूजों की तरह वो भी बस
थोडा सा ही ऊपर उड़ पाता , और पंख फड़-
फडाते हुए नीचे आ जाता . फिर एक दिन उसने
एक बाज को खुले आकाश में उड़ते हुए देखा, बाज
बड़े शान से बेधड़क उड़ रहा था. तब उसने
बाकी चूजों से पूछा, कि-
” इतनी उचाई पर उड़ने वाला वो शानदार
पक्षी कौन है?”
तब चूजों ने कहा-” अरे वो बाज है,
पक्षियों का राजा, वो बहुत ही ताकतवर और
विशाल है , लेकिन तुम उसकी तरह नहीं उड़ सकते
क्योंकि तुम तो एक चूजे हो!”
बाज के बच्चे ने इसे सच मान लिया और
कभी वैसा बनने की कोशिश नहीं की.
वो ज़िन्दगी भर चूजों की तरह रहा, और एक दिन
बिना अपनी असली ताकत पहचाने ही मर गया.
दोस्तों , हममें से बहुत से लोग उस बाज
की तरह ही अपना असली potential जाने
बिना एक second-class ज़िन्दगी जीते रहते
हैं, हमारे आस-पास की mediocrity हमें
भी mediocre बना देती है.हम में ये भूल जाते
हैं कि हम आपार संभावनाओं से पूर्ण एक
प्राणी हैं. हमारे लिए इस जग में कुछ भी असंभव
नहीं है,पर फिर भी बस एक औसत जीवन जी के
हम इतने बड़े मौके को गँवा देते हैं.
आप चूजों की तरह मत बनिए , अपने आप
पर ,अपनी काबिलियत पर भरोसा कीजिए. आप
चाहे जहाँ हों, जिस परिवेश में हों,
अपनी क्षमताओं को पहचानिए और आकाश
की ऊँचाइयों पर उड़ कर दिखाइए
क्योंकि यही आपकी वास्तविकता है.






Aap In Delhi

दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाई
तो छोटी छोटी बाते बड़ी बड़ी खबरें बनी ।
जैसे राखी बिरला VIP नंबर वाली गाड़ी में
बैठी देखि गई ।
अरविन्द केजरीवाल ने 5 कमरों का बहुत
बड़ा सरकारी घर ले लिया । अरविन्द केजरीवाल अपनी गाड़ी में
नहीं सरकारी गाड़ी में देखे गए ।
आप पार्टी के नेता विधानसभा में
टोपी पहनकर क्यों आये ।
अरविन्द केजरीवाल की ख़ासी ठीक
क्यों नहीं हो रही । मुख्यमंत्री को आम आदमी के लिए धरने पर
नहीं बैठना चाहिए ।
राखी बिरला रात को सड़को पर क्यों घूमती है
अरविन्द का जनता दरवार फेल हुआ,
(किसी ने ये नहीं देखा अरविन्द ने
लोगो की बात सुनने की कोशिश तो की ) । अरविन्द ने 200 करोड़ की सब
सब्सिडी देकर जुलम कर दिया ।
सोमनाथ भारती ने सैक्स और ड्रग्ज रैकिट
क्यों रोका ।
अरविन्द केजरीवाल मफलर क्यों पहनते हैं ऐसे
ही कई मुद्दो पर 49 दिन चर्चा होती रही । इन में से कोई ऐसा मुद्दा नहीं जिस से आम
आदमी पार्टी ने आम आदमी का या देश
का नुकसान किया हो । मगर आम
आदमी पार्टी को बदनाम करने की हर संभव
कोशिश की गई ,आज मोदी जी की केंद्र में
सरकार है । बड़े बड़े मुद्दो पर मोदी सरकार पलटी मार रही है U-turn ले रही मगर
छोटी खबर भी नहीं बन रही । जैसे धारा 370 चुनाव से पहले मोदी के लिए
मुद्दा था अब नहीं है ।
महंगाई चुनाव से पहले मोदी के लिए
मुद्दा था अब नहीं है ।
पाकिस्तान चुनाव से पहले मोदी के लिए
मुद्दा था अब एक सैनिक को मार दिया तो क्या हुआ ।
चाइना चुनाव से पहले मुद्दा था अब
चाइना की सेना भारत में घूम कर चली जाये कोई
बात नहीं ।
वाड्रा की सुरक्षा करेगी मोदी सरकार कोई
चर्चा नहीं । भूटान को 4500 करोड़
का तोफा को चर्चा नहीं ।
शिक्षामंत्री को शिक्षा का मतलब
नहीं पता कोई चर्चा नहीं ।
मोदी सरकार ने गैंस के दाम दोगुने कर दिए
कोई चर्चा नहीं । मोदी सरकार बलात्कारी मंत्री के साथ खड़ी है
कोई चर्चा नहीं ।
बीजेपी के 98 सांसद दागी हैं कोई चर्चा नहीं ।
बीजेपी के 50 से ज्यादा सांसद कांग्रेेस छोड़
कर आये हैं कोई चर्चा नहीं ।
जो रक्षा राज्य मंत्री मनमोहन सरकार में भृष्ट था मोदी ने उसे ही रक्षा राज्य
मंत्री बना दिया कोई चर्चा नहीं ।
तेल ,रेल ,सब्जी सब महंगा हो गया कोई
चर्चा नहीं ।
मोदी सरकार के हर फैंसले ने आम
आदमी को चोट दी है । मोदी ने चुनाव से पहले और बाद में गिरगट
की तरह रंग बदला है , पहले कांग्रेेस सरकार पर
आरोप था वो अमीरो के लिए काम करती है,
मोदी सरकार तो साफ़ साफ़ अमीरों के लिए
काम कर रही है , मगर मीडिया मोदी सरकार
को बचानेकी हर संभव कोशिश कर रही है । दिल्ली में शीला गई अरविन्द
आये ,बिजली ,पानी ,भर्ष्टाचार हर मुद्दे पर
काम होता हुआ नज़र आने लगा | केंद्र में
मनमोहन गये,मोदी आये बताओ क्या बदला ?
क्या लगता नहीं UPA 3 काम NDA कर रही है ? सिर्फ प्रधानमंत्री का मखोटा बदला है । जय हिन्द

Rahul Gandhi

एक पहाड़ी पर एक किसान अपना जानवर चरा रहा था।
इतने में यकायक एक हेलीकाप्टर वहां उतरा ।
उसमें से एक सुन्दर आकर्षक आदमी निकला ।
वह अकड़ के साथ किसान के पास आया
और बोला अगर मैं तुम्हारे गायों की सही संख्या बता दूँ
तो तुम मुझे एक बछड़ा दे दोगे ।
किसान थोडा सोचकर कहा ठीक है ।
उस आदमी ने अपने जेब से एक स्मार्ट फ़ोन निकाला
गूगल मैप ऐप से वहां का पोजीशन लिया और इसरो ISRO को भेज दिया
और कहा इस पहाड़ी पर जितने जीवित प्राणी हैं उनकी संख्या बताईये ।
उत्तर में 35 बताया । उस युवक ने दो कम करके किसान से
कहा तुम्हारे गायों की संख्या 33 है ।
किसान ने कहा ठीक है एक बछड़ा ले लो ।
जब वह आदमी एक जानवर को हेलीकाप्टर में लादने लगा तब किसान
नें कहा अगर मैं आपका नाम बता दूँ तो आप मेरा वापस कर दोगे ।
आदमी को आश्चर्य हुआ पर कहा ठीक है ।
किसान ने कहा आप राहुल गांधी हैं ।
राहल गाँधी नें कहा आप कैसे जाने । किसान ने कहा बहुत आसान.....
* आप बिना बुलाये आये ।
* जनता के टैक्स का लाखों रुपया खर्च करके
मुझे वह बताये जो मैं पहले से जनता था ।
* और संयोग वश ये गाय नहीं भेड़ें हैं ।
* अच्छा चलो अब मेरा कुत्ता वापस कर दो"

Sunday, 6 July 2014

Enjoy every moment. "Life is Easy

Don't let the love go away!
A Professor asked his students, 'why do we shout in anger? Why do people shout at each other when they are upset?'
The students thought for awhile. One said, because we lose our calm. But why shout when the other person is just next to you? Asked the professor. Isn't it possible to speak to him or her with a soft voice? Why do you shout at a person when you are angry? The students gave some answers but none satisfied the Professor.

Finally he explained, 'when two people are angry at each other, there is a distance in their hearts psychologically.

To cover the distance, they must shout to be able to hear each other. The angrier they are,the stronger they will shout to hear each other through that great distance. Then the Professor asked, 'What happens when two people fall in love? They don't shout at each other but talk softly. Why? Because their hearts are psychologically close. The distance between them is very close.
The Professor continued, 'When they love each other even more, what happens? They don't speak, only whisper and they even get closer to each other in their love.

Finally they even need not whisper, they only look at each other and that's all.....

So next time you shout on a loved one, know that you are creating distance between your heart and that person’s heart.

A gentle answer turns away wrath, but a harsh word stirs up anger.

.Enjoy every moment. "Life is easy"


प्यारे आपियन्स ....उगते सूरज को भक्त
सलाम करते होंगे मगर हम आपियनस
मिलकर डूबते सूरज को थाम लें तो सूरज
डूबने से पहले सौ बार सोचेगा /..और गलती से
उगते सूरज के सामने खड़े भी हो जाएंगे
तो सूरज उगने से पहले उगने की इजाजत भी हमसे ही लेगा ...भक्तो का टाइम चल
रहा है मगर घडी में हर एक सेकेण्ड वक़्त बदल
जाता है...घडी और वक़्त कभी किसीके सगे
नहीं हुए ..क्रान्ति की चिंगारी एक बार
जल
गयी तो बुझती नहीं सुलगती रहती है ..;.लड़ाई अंग्रेजो से नहीं इसलिए भगत
सिंह ..चन्दर शेखर आजाद और सुभाष चन्दर
बोस भी आज आ गए तो कामयाब
नहीं होंगे ...मगर सीक्वल का ज़माना है
इसलिए भगत सिंह ,,चन्दर शेखर आजाद
और नेता जी के सीक्वल तो पैदा हो ही सकते हैं .,,थोड़ा इंतिजार और
सही. उसके बाद एक गुनाह और सही...


Life

ज़िन्दगी पल-पल ढलती है,
जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है...
शिकवे कितने भी हो हर पल,
फिर भी हँसते रहना...क्योंकि ये
ज़िन्दगी जैसी भी है,
बस एक ही बार मिलती है।

Modi Effect

मोदी जी ने लोगों की रातों की नींद
भी गायब कर दी - तकलीफ होता है जब
सब्जी के बाज़ार में पांच परिवार वाले
महिला को एक पाव भिन्डी , एक पाव
करेला खरीदते देखता हूँ | प्याज भी महंगाई के
कारण लोग आधा किलो के आस- पास खरीद रहे हैं | अगर आप 40-50 हज़ार कमाते
हैं तो फिर महंगाई बढ़ने से ज्यादा फर्क
आपको नहीं पड़ेगा , लेकिन
जिसका परिवार 5 का हो और आय 15
हज़ार के आस- पास
हो तो उसकी जरा भी महंगाई बढ़ने के कारण कमर ही टूट जाती है | इससे बुरा हाल देश के
उन 70% लोगों का है , जिनकी आय 15
हज़ार के आस- पास भी नहीं है |