Sunday, 17 August 2014
Friday, 8 August 2014
Dear Smart Moms,
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Thanks For Your Interest in our Venture
Please visit
http://hr-manager-aerosoft- corp.blogspot.com
http://all-best-work-at-home- jobs.blogspot.com
Please send following details as soon as Possible.
City :
Name:
E Mail Ids :
Tel :
Mob :
Blog Name:
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Twitter:
Facebook Page:
Instagram:
Pinterest:
Klout:
Google+:
LinkedIn:
E-Mail:
Contact our CEO :
Capt. Shekhar Gupta
CEO, AeroSoft Corp
+91- 9826008899
Visit Us :
www.youtube.com/watch?v=0Hrj_ J24fLQ
www.youtube.com/watch?v=jM- b89lLDHU
www.International-Airline- Pilot-Training.blogspot.com
www.Airlines-Pilot-Training. blogspot.com
eMail :
Airlines.Pilot.Training@gmail. com
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Tuesday, 5 August 2014
Arvind Kejriwal
आज मैं बोलता हूँ अरविंद
केजरीवाल ने
जो भी किया सही किया।
दिल्ली में सरकार बनाकर भी ठीक
किया फिर सत्ता छोड़के
भी सही किया। पुरे देश में 300 से अधिक प्रत्याशी खड़ाकर
भी सही किया था। मोदी के
खिलाफ लड़ने
का फैसला भी बिलकुल वाजिब
था। वो देश के आम
आदमी का प्रतिनिधित्व करता हैं और देश का आम
आदमी ही आज की तारीख में
दुस्साहस कर सकता हैं। लेकिन देश
की जनता के एक
बड़ा तबका को आज
भी नेता ,मंत्री को कई गाड़ियों के काफिले में देखने का शौक हैं। उन्हें
अच्छा लगता हैं ट्रैफिक में इंतजार
कर लालबत्ती को सायरन बजाते
निकलते देखना। उन्हें हजम
नहीं होता कि उनके बीच
का ही कोई साधारण आम आदमी उनका प्रतिनिधित्व
करे। आम आदमी पार्टी के पास
दिल्ली में बहुमत नहीं था पर
दूसरी बड़ी पार्टी होने
की जिम्मेदारी निभाई और
आज़ाद भारत में पहली बार 49 दिनों में
ही बता दिया लोकतान्त्रिक
सरकार किसे कहते हैं। कांग्रेस
का साथ देना राजनीतिक चाल
थी इसलिए वे जनलोकपाल पर
साथ नहीं दिए। अब सबसे बड़ी राजनीतिक
शुचिता वाली पार्टी इन्हीं कांग्रेस
और आप को तोड़ सरकार बनाने
की कोशिश कर रही हैं
तो मेरा सवाल उस
कुलभक्षी मीडिया से हैं जो 49 दिनों में आम आदमी पार्टी के
सरकार और उनके मंत्रियों के
टॉयलेट पर भी नज़र रखने वाले
तुम्हारें कैमरे कहाँ हैं ? ...और कहाँ हैं
तुम्हारा जनसरोकार ,पारदर्शिता ,निष्पक्षता और
स्वतंत्रता ?
केजरीवाल ने
जो भी किया सही किया।
दिल्ली में सरकार बनाकर भी ठीक
किया फिर सत्ता छोड़के
भी सही किया। पुरे देश में 300 से अधिक प्रत्याशी खड़ाकर
भी सही किया था। मोदी के
खिलाफ लड़ने
का फैसला भी बिलकुल वाजिब
था। वो देश के आम
आदमी का प्रतिनिधित्व करता हैं और देश का आम
आदमी ही आज की तारीख में
दुस्साहस कर सकता हैं। लेकिन देश
की जनता के एक
बड़ा तबका को आज
भी नेता ,मंत्री को कई गाड़ियों के काफिले में देखने का शौक हैं। उन्हें
अच्छा लगता हैं ट्रैफिक में इंतजार
कर लालबत्ती को सायरन बजाते
निकलते देखना। उन्हें हजम
नहीं होता कि उनके बीच
का ही कोई साधारण आम आदमी उनका प्रतिनिधित्व
करे। आम आदमी पार्टी के पास
दिल्ली में बहुमत नहीं था पर
दूसरी बड़ी पार्टी होने
की जिम्मेदारी निभाई और
आज़ाद भारत में पहली बार 49 दिनों में
ही बता दिया लोकतान्त्रिक
सरकार किसे कहते हैं। कांग्रेस
का साथ देना राजनीतिक चाल
थी इसलिए वे जनलोकपाल पर
साथ नहीं दिए। अब सबसे बड़ी राजनीतिक
शुचिता वाली पार्टी इन्हीं कांग्रेस
और आप को तोड़ सरकार बनाने
की कोशिश कर रही हैं
तो मेरा सवाल उस
कुलभक्षी मीडिया से हैं जो 49 दिनों में आम आदमी पार्टी के
सरकार और उनके मंत्रियों के
टॉयलेट पर भी नज़र रखने वाले
तुम्हारें कैमरे कहाँ हैं ? ...और कहाँ हैं
तुम्हारा जनसरोकार ,पारदर्शिता ,निष्पक्षता और
स्वतंत्रता ?
Thursday, 31 July 2014
Urgently Needs 8 Trainee Aviation News Sub Editors
Hi
Ref to your Reply on Fb
We Urgently Needs 8 Trainee Aviation News Sub Editors [ Pan India / Abroad [08]The Project involved Small Blogs on Aviation NEWS from Different Countries.
All Candidates should be Graduates in Journalism, Mass Communication or Aviation without any Media Experience. Only They should have an Excellent Command of English and strong Communication and Leadership Skills. The candidate will be required to Edit Aviation Stories and give catchy Headlines, Caption Pictures and Graphics, Supervise the Design and layout of pages on a daily basis for Aviation Web Publication.
No Experience preferable
Only Freshers with Exceptional Writing skills and abilities will be considered.
Requirements :
a. A good command of English with excellent writing and editing skills.
b. A good knowledge of the internet, search engines, social media, and using MS Word.
b. Have a desktop computer with a UPS and high speed Internet connection
c. Willing to work part time for 4 hours a day of full time for 8 hrs a day.
Job Requirements:
To write, validate and edit articles and reports for publication on the web.
Products :
www.Newzealand-Aviation-News.blogspot.com
www.US-Airlines-News.blogspot.com
www.Aviation-News-India.blogspot.com
www.Canadian-Aviation-News.blogspot.ca
www.Airlines-Pilot-Training.blogspot.com
www.Philippine-Aviation-News.blogspot.com.ph
www.AirAviator.blogspot.com
www.Fly-Crew.blogspot.com
www.Cabin-Crew-Career-Guide.blogspot.com
www.World-of-Airplanes.blogspot.com
www.Pilot-Career-Guide.blogspot.com
www.fly-crew.blogspot.com
www.best-car-taxi-indore.blogspot.com
www.be-an-aviator-not-pilot.blogspot.com
http://college-campus-placement.blogspot.com
Industry: Aviation / Media / Entertainment / Internet
Area : Aviation News Editors
Role Category : Aviation News Sub Editors, MBA Aviation as Asst Managers
Education : BJ, MJ, Mass Comm, MBA Aviation as Asst Managers, CA, CS, MBA [ Fin ] BA [English Lit ] , BBA, MA, BE / B Tech [ CS / IT ] and MBA [Fin / HR], Pilots, Cabin Crew
Contact Us with following details:
1. Full Name:...........................
2. Address:.................................
3. Nationality:..................................
4. E Mail Id .......................
5. Sex:..................
6. Occupation:..............................
7. Phone/Fax:..............................
8. Present Country:........................
Capt. Shekhar Gupta
CEO
AeroSoft Corp
+91- 9826008899
https://www.facebook.com/captshekhargupta
Bank Account of Life :-)
कल्पना कीजिये
एक बैंक अकाउंट की
जिसमे रोज सुबह
एक बैंक अकाउंट की
जिसमे रोज सुबह
आपके लिए कोई
86,400 रुपये
जमा कर देता है ।
लेकिन शर्त ये है की
इस अकाउंट का बैलेंस
कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा,
यानि दिन के अंत में
बचे पैसे आपके लिए
अगले दिन उपलब्ध नहीं रहेंगे ।
और
हर शाम इस अकाउंट में
बचे हुए पैसे आपसे
वापस ले लिए जाते हैं।
ऐसे सिचुएशन में
आप क्या करेंगे ?
जाहिर है आप
एक-एक पैसा निकल लेंगे।
है ना ?
हम सब के पास
एक ऐसा ही बैंक है,
इस बैंक का नाम है
" समय".
हर सुबह समय हमको
86,400 सेकण्ड्स देता है।
और हर रात्रि ये
उन सारे बचे हुए सेकण्ड्स
जिनको आपने
किसी बहतरीन मकसद के लिए
इस्तेमाल नहीं किया है,
हमसे छीन लेती है।
ये कुछ भी बकाया समय
आगे नहीं ले जाती है।
हर सुबह आपके लिए
एक नया अकाउंट खुलता है,
और
अगर आप हर दिन के
जमा किये गए सेकण्ड्स को
ठीक से इस्तेमाल करने में
असफल होते हैं
तो ये हमेशा के लिए
आपसे छीन लिया जाता है।
अब निर्णय आपको करना है
की दिए गए 86,400 सेकण्ड्स
का आप उपयोग करना चाहते हैं
या फिर
इन्हें गंवाना चाहते हैं,
क्यूंकि एक बार खोने पर
ये समय
आपको कभी वापस नहीं मिलेगा।
आप हर दिन
दिए गए 86,400 सेकण्ड्स का
बेहतरीन इस्तेमाल
कैसे करना चाहेंगे??
एक प्यारी सी कविता
वक़्त पर ...
" वक़्त नहीं "
हर ख़ुशी है लोंगों के दामन में ,
पर एक हंसी के लिये वक़्त नहीं .
दिन रात दौड़ती दुनिया में ,
ज़िन्दगी के लिये ही वक़्त नहीं .
सारे रिश्तों को तो हम मार चुके,
अब उन्हें दफ़नाने का भी वक़्त नहीं ..
सारे नाम मोबाइल में हैं ,
पर दोस्ती के लिये वक़्त नहीं .
गैरों की क्या बात करें ,
जब अपनों के लिये ही वक़्त नहीं .
आखों में है नींद भरी ,
पर सोने का वक़्त नहीं .
दिल है ग़मो से भरा हुआ ,
पर रोने का भी वक़्त नहीं .
पैसों की दौड़ में ऐसे दौड़े,
कि थकने का भी वक़्त नहीं .
पराये एहसानों की क्या कद्र करें ,
जब अपने सपनों के लिये ही वक़्त नहीं
तू ही बता ऐ ज़िन्दगी ,
इस ज़िन्दगी का क्या होगा,
कि हर पल मरने वालों को ,
जीने के लिये भी वक़्त नहीं ..
HAVE A MEANINGFUL LIFE...
🔆🔆🔆🔆🔆🔆
बिंदास मुस्कुराओ क्या ग़म हे,..
ज़िन्दगी में टेंशन किसको कम हे.
अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम हे..
जिन्दगी का नाम ही कभी ख़ुशी कभी गम हे।
86,400 रुपये
जमा कर देता है ।
लेकिन शर्त ये है की
इस अकाउंट का बैलेंस
कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा,
यानि दिन के अंत में
बचे पैसे आपके लिए
अगले दिन उपलब्ध नहीं रहेंगे ।
और
हर शाम इस अकाउंट में
बचे हुए पैसे आपसे
वापस ले लिए जाते हैं।
ऐसे सिचुएशन में
आप क्या करेंगे ?
जाहिर है आप
एक-एक पैसा निकल लेंगे।
है ना ?
हम सब के पास
एक ऐसा ही बैंक है,
इस बैंक का नाम है
" समय".
हर सुबह समय हमको
86,400 सेकण्ड्स देता है।
और हर रात्रि ये
उन सारे बचे हुए सेकण्ड्स
जिनको आपने
किसी बहतरीन मकसद के लिए
इस्तेमाल नहीं किया है,
हमसे छीन लेती है।
ये कुछ भी बकाया समय
आगे नहीं ले जाती है।
हर सुबह आपके लिए
एक नया अकाउंट खुलता है,
और
अगर आप हर दिन के
जमा किये गए सेकण्ड्स को
ठीक से इस्तेमाल करने में
असफल होते हैं
तो ये हमेशा के लिए
आपसे छीन लिया जाता है।
अब निर्णय आपको करना है
की दिए गए 86,400 सेकण्ड्स
का आप उपयोग करना चाहते हैं
या फिर
इन्हें गंवाना चाहते हैं,
क्यूंकि एक बार खोने पर
ये समय
आपको कभी वापस नहीं मिलेगा।
आप हर दिन
दिए गए 86,400 सेकण्ड्स का
बेहतरीन इस्तेमाल
कैसे करना चाहेंगे??
एक प्यारी सी कविता
वक़्त पर ...
" वक़्त नहीं "
हर ख़ुशी है लोंगों के दामन में ,
पर एक हंसी के लिये वक़्त नहीं .
दिन रात दौड़ती दुनिया में ,
ज़िन्दगी के लिये ही वक़्त नहीं .
सारे रिश्तों को तो हम मार चुके,
अब उन्हें दफ़नाने का भी वक़्त नहीं ..
सारे नाम मोबाइल में हैं ,
पर दोस्ती के लिये वक़्त नहीं .
गैरों की क्या बात करें ,
जब अपनों के लिये ही वक़्त नहीं .
आखों में है नींद भरी ,
पर सोने का वक़्त नहीं .
दिल है ग़मो से भरा हुआ ,
पर रोने का भी वक़्त नहीं .
पैसों की दौड़ में ऐसे दौड़े,
कि थकने का भी वक़्त नहीं .
पराये एहसानों की क्या कद्र करें ,
जब अपने सपनों के लिये ही वक़्त नहीं
तू ही बता ऐ ज़िन्दगी ,
इस ज़िन्दगी का क्या होगा,
कि हर पल मरने वालों को ,
जीने के लिये भी वक़्त नहीं ..
HAVE A MEANINGFUL LIFE...
🔆🔆🔆🔆🔆🔆
बिंदास मुस्कुराओ क्या ग़म हे,..
ज़िन्दगी में टेंशन किसको कम हे.
अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम हे..
जिन्दगी का नाम ही कभी ख़ुशी कभी गम हे।
Kumar Vishwas at Google USA
हिंदी कवि डा कुमार विश्वास ने गत २९ जुलाई को कैलिफ़ोर्निया स्थित गूगल
हेडक्वार्टर में भारतीय और दक्षिण एशिया मूल के गूगल कर्मियों को सम्बोधित
किया। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. इस व्याख्यान को किसी दायरे में न रख कर 'कुमार विश्वास@गूगल' नाम दिया गया जिससे यह व्याख्यान ओपन सेशन के रूप में परिवर्तित हो गया।
2. डा विश्वास ने अपने शुरुआती संघर्ष, कवि जीवन, सामाजिक जीवन राजनितिक जीवन इत्यादि हर पहलू पर बात की।
3. इसके बाद सवाल जवाब का सिलसिला शुरू हुआ जो आश्चर्यजनक रुप से लगभग डेढ़ घंटे तक चला।
4. डा विश्वास के सम्मान में गूगल स्थित 'बादल रेस्टोरेंट' में लंच रखा गया था।
5. दक्षिण एशियाई भाषाओँ पर काम करने वाले गूगल के युवा इंजीनियर्स ने बताया कि गूगल, यू-ट्यूब इत्यादि पर हिंदी सम्बंधित कंटेंट सर्च में डा कुमार विश्वास और उनकी कविताओं का सर्च अव्वल है।
6. गूगल के माध्यम से इंटरनेटीय दुनिया के पटल पर हिंदी को और ज्यादा सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई।
7. गूगल कर्मियों ने इस बातचीत को एक महत्वपूर्ण, मनोरंजक और यादगार मुलाकात बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस बातचीत ने उन्हें प्रेरणा, संघर्ष, कर्त्तव्य और सफलता के नए आयामों से परिचित कराया।
8. किसी भी हिंदी कवि के लिए यह पहला मौका था जिसे गूगल ने मेहमान वक्ता के रूप में अपने हेडक्वार्टर में आमंत्रित किया था।
9. एंटरटेनमेंट पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की 'सनी (लियोन) और हनी (सिंह) कल्चर' में भारतीय एंटरटेनमेंट असहज महसूस कर रहा है लेकिन यह अल्प-कालिक है और अंततः कबीर ही जिन्दा ही रहेगा और कबीर ही गाया जायेगा।
1. इस व्याख्यान को किसी दायरे में न रख कर 'कुमार विश्वास@गूगल' नाम दिया गया जिससे यह व्याख्यान ओपन सेशन के रूप में परिवर्तित हो गया।
2. डा विश्वास ने अपने शुरुआती संघर्ष, कवि जीवन, सामाजिक जीवन राजनितिक जीवन इत्यादि हर पहलू पर बात की।
3. इसके बाद सवाल जवाब का सिलसिला शुरू हुआ जो आश्चर्यजनक रुप से लगभग डेढ़ घंटे तक चला।
4. डा विश्वास के सम्मान में गूगल स्थित 'बादल रेस्टोरेंट' में लंच रखा गया था।
5. दक्षिण एशियाई भाषाओँ पर काम करने वाले गूगल के युवा इंजीनियर्स ने बताया कि गूगल, यू-ट्यूब इत्यादि पर हिंदी सम्बंधित कंटेंट सर्च में डा कुमार विश्वास और उनकी कविताओं का सर्च अव्वल है।
6. गूगल के माध्यम से इंटरनेटीय दुनिया के पटल पर हिंदी को और ज्यादा सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई।
7. गूगल कर्मियों ने इस बातचीत को एक महत्वपूर्ण, मनोरंजक और यादगार मुलाकात बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस बातचीत ने उन्हें प्रेरणा, संघर्ष, कर्त्तव्य और सफलता के नए आयामों से परिचित कराया।
8. किसी भी हिंदी कवि के लिए यह पहला मौका था जिसे गूगल ने मेहमान वक्ता के रूप में अपने हेडक्वार्टर में आमंत्रित किया था।
9. एंटरटेनमेंट पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की 'सनी (लियोन) और हनी (सिंह) कल्चर' में भारतीय एंटरटेनमेंट असहज महसूस कर रहा है लेकिन यह अल्प-कालिक है और अंततः कबीर ही जिन्दा ही रहेगा और कबीर ही गाया जायेगा।
Govt Work Tender
गवर्नमेंट का ब्रिज का टेंडर निकला.
.
एक मद्रासी ने 3 करोड़ ,का कोटेशन दिया.
.
अथॉरिटीज ने पूछा : "कैसे ?"
.
मद्रासी ने कहा :
"2 करोड़ का मटेरियल
50 लाख का लेबर
50 लाख मेरा मुनाफा"
.
गुजराती ने 9 करोड़ का कोटेशन दिया.
.
अथॉरिटीज ने पूछा :
"इतना महँगा कैसे ?"
.
गुजराती बोला :
"3 करोड़ आपके
और
3 करोड़ मेरे"
.
अथॉरिटीज ने पूछा :
"और ब्रिज का क्या ?"
गुजराती बोला :
"ब्रिज मद्रासी बनाएगा."
.
गुजराती को टेंडर मिल गया !
.
एक मद्रासी ने 3 करोड़ ,का कोटेशन दिया.
.
अथॉरिटीज ने पूछा : "कैसे ?"
.
मद्रासी ने कहा :
"2 करोड़ का मटेरियल
50 लाख का लेबर
50 लाख मेरा मुनाफा"
.
गुजराती ने 9 करोड़ का कोटेशन दिया.
.
अथॉरिटीज ने पूछा :
"इतना महँगा कैसे ?"
.
गुजराती बोला :
"3 करोड़ आपके
और
3 करोड़ मेरे"
.
अथॉरिटीज ने पूछा :
"और ब्रिज का क्या ?"
गुजराती बोला :
"ब्रिज मद्रासी बनाएगा."
.
गुजराती को टेंडर मिल गया !
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